मंगलवार, नवम्बर 13, 2018

Introduction to Sailana नगर का परिचय

सैलाना का राज परिवार महान राठौर घराने के वंशज हैं, जो जोधपुर राज घराने के सिपाही रहे हैं। राज्य की उत्पत्ति 1976 में रतलाम के राजा केशरीसिंघ जी के छोटे पुत्र राजा जयसिंघ जी की जागीर के रूप में हुआ। तत्पश्चात उन्होंनें अन्य क्षेत्रों को जीतकर या जोड़कर इसका विस्तार किया और सन् 1731 में स्वयं को एक स्वतंत्र शासक के रूप में स्थापित किया। सैलाना नाम सन् 1736 में उनके द्वारा स्थापित नई राजधानी का नाम था।
नगर का नाम इसके स्थान के कारण पडा, क्योंकि नगर पहाडियां के मुहाने पर बसा है, संस्कृत में “सैला” का मतलब पहाड़ी और “अनाना” का मतलब मुख होता है। सन् 1736 में सैलाना को सैलान राज्य की राजधानी बनाया गया जो कि राठौर वंश की रियासत थी एवं 769 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली थी।

Location and Climate of Sailana स्थान

भौगोलिक दृष्टि से सैलाना नगर अक्षांस 23.47° 44” उत्तर और 74.92° 36” पूर्व के मध्य स्थित है। नगर की समुद्र सतह से औसत उॅंचाई 479 मीटर या 1571 फिट है। नगर मध्य प्रदेश के उत्तर पश्चिमी दिशा में स्थित है। सैलाना नगर दक्षिण में रतलाम मुख्यालय, पूर्व में जाओरा, उत्तर में मंदसौर और पड़ोसी राज्य राजस्थान के बांसवाडा जिले से घिरा है।

Connectivity to Sailana संपर्क

नगर मध्य प्रदेश के महत्वपूर्ण स्थानों जैसे कि रतलाम, जाओरा, उज्जैन, मंदसौर, इंदौर और राजस्थान राज्य के बांसवाडा जिले से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। नगर SH-10 के समानांतर बसा हुआ है। सबसे नजदीक का रेलवे स्टेशन मात्र 25 किमी दूर रतलाम जिले में है। रतलाम देश के सबसे महत्वपूर्ण जंक्शनो में से एक है। रतलाम जंक्शन पश्चिम रेलवे का विभागीय मुख्यालय है। यह मुंबई सेट्रल, नई दिल्ली, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सूरत, जयपुर, अजमेर और उदयपुर से जोड़ता है। सैलाना शहर महत्वपूर्ण स्थलों जैसे रतलाम से 25 किमी दूर, इंदौर से 157 किमी दूर, उज्जैन से 130 किमी दूर, जाओरा से 39 किमी दूर, मंदसौर 94 किमी दूर और बांसवाडा नगर (राजस्थान) से मात्र 62 किमी दूर स्थित है।